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पेंड्रा: प्रभारी तहसीलदार पर गंभीर आरोप, कर्यवाही न होने से दिखा रहें अपने रंगदारी, लाखो रुपए लेकर मंदिर प्रबंधन की भूमि को निजी भूमि में किया तब्दील,

तहसीलदार सुनील ध्रुव पर लाखो रुपए लेकर फर्जी कार्य करने का आरोप,

गौरेला पेंड्रा मरवाही: तहसीलदार द्वारा मंदिर की जमीन को निजी व्यक्तियों का नाम चढ़ाकर भूमि स्वामी दर्ज करने का मामला सामने आया है। मामला पेंड्रा तहसील के बंधी में हनुमान मंदिर की भूमि का है। जिसे प्रभारी तहसीलदार सुनील कुमार ध्रुव के द्वारा मंदिर प्रबंधन से हटाकर निजी लोगों के नाम दर्ज करने आदेश जारी किया है। मामले की जानकारी मिलते ही समस्त ग्रामवाशियो बंधी ने एसडीएम, कलेक्टर संभागायुक्त को आवेदन सौंपा है, सौपे गए आवेदन में बताया गया है…

(1) यह कि. ग्राम-बंधी, प.ह.नं.03, रा.नि.मं. व तहसील पेण्ड्रा, जिला-गौरेला पेण्ड्रा मरवाही (छ.ग.) स्थित भूमि ख.नं. 124/2 रकबा 0.352 हेक्टेयर विगत कई दशकों से श्री हनुमान मंदिर प्रबंधक कलेक्टर बिलासपुर के नाम पर दर्ज चली आ रही है।

(2) यह कि, तहसीलदार पेण्ड्रा श्री सुनील कुमार ध्रुव के द्वारा नाजायज लाभ लेने की गरज से निजी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत, सांठगांठ करके रूपयों का लेनदेन करके बिना किसी जांच पड़ताल के बिना कलेक्टर को सूचना दिये एवं बिना कलेक्टर की अनुमति लिये भूमि पर से हनुमान मंदिर प्रबंधक कलेक्टर का नाम काटकर विजय कुमार वगै. का नाम दर्ज करने का आदेश दिनांक 22/03/2024 को पारित कर दिया गया है।

(3) यह कि, इस मामले की जानकारी लगने पर ग्रामवासियों द्वारा अभिलेख दुरूस्त की कार्यवाही न किये का निवेदन करने पर उनके द्वारा जाओ जहां शिकायत करना है कर दो मैं पूरा रूपया अकेले नहीं खाया हूं ऊपर कलेक्टर, कमिश्नर, मंत्री तक रूपया भेजवाता हूं, तभी नायब तहसीलदार होकर भी दो-दो तहसील का प्रभारी हूं ।

(4) यह कि, तहसीलदार ध्रुव के द्वारा अवैध व मनमाने ढंग से अपने शासकीय पद का दुरूपयोग कर उक्त आदेश पारित किया गया है जिसे निरस्त किया जाना तथा दोषी तहसीलदार के विरूद्ध उचित दण्डात्मक कार्यवाही किया जाना अत्यन्त आवश्यक है ।सोचनीय और चिंतनीय विषय है की जब एक राजस्व अधिकारी ही सरकारी भूमि की हेराफेरी करने में लग जाए, और माफियाओं के साथ मिलकर एक बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम देने में मशगूल हो तो आम जनता अपने भूमि को लेकर सुरक्षित कैसे महसुस करेगी, बहरहाल देखना दिलचस्प होगा कि उक्त मामले में जिला प्रशासन और सरकार की तरफ से कार्यवाही कब और क्या होगी?

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